मंडला में 14-14 के लाख 2 इनामी नक्सली ढेर


म.प्र के मंडला में बुधवार सुबह नक्सली और हाक फोर्स के बीच मुटभेड़ हुई लगभग डेढ़ से दो घंटे तक दोनों तरफ से फायरिंग हुई जिसके बाद नक्सली वहां से भाग खड़े हुए सर्च के दौरान दो वर्दीधारी महिला नक्सली का शव बरामद किया गया दोनों पर 14-14 लाख का पहले से इनाम घोषित था

मंडला बालाघाट सीमा जो कि कान्हा नेशनल पार्क क्षेत्र में आता है यहां पर मुखबिर की सूचना पर सर्चिंग करने गई टीमों में से मोतीनाला हाक फोर्स टीम पर 18 से 20 नक्सलियों ने हमला कर दिया जवाबी कार्रवाई के बाद नक्सली भाग गए सर्च के दौरान दो वर्दीधारी महिला का शव बरामद किया गया इनके पास हथियारों के साथ सेटेलाइट फोन और दैनिक उपयोग की सामग्री मिली इनकी पहचान परमिला उम्र 35 वर्ष है जो सुकमा छत्तीसगढ़ ,ममता उम्र 30 वर्ष गढ़ चिरौली महाराष्ट्र की है। 28 लाख रुपए का इनामी नक्सली राकेश सोढ़ी जो भोरमदेव का एरिया का डीवीसीएम है मारी गई ममता उसकी पत्नी है

बालाघाट आइ ने प्रेसवार्ता में बताया कि सर्चिंग के दौरान सुबह सात बजे के आसपास हाक फोर्स टीम पर हमला हुआ था लगभग डेढ़ से दो घंटे दोनों तरफ से फायरिंग हुई जिसके बाद नक्सली वहां से भाग खड़े हुए पूरी संभावना है कि मुटभेड़ के दौरान और भी नक्सली घायल हुए होंगे जिसके लिए सर्चिंग जारी है। साथ ही मुटभेड़ में एरिया कमाडर के होने की पूरी संभावना है also read गांवो में पानी की किल्लत

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गांवो में पानी की किल्लत भीषण गर्मी में क्या होगा

मार्च का महीना खत्म भी नहीं हुआ है लेकिन गांवों में पानी की किल्लत बढ़ती हि जा रही है। जिला कलेक्टर आफिस में बीते एक पखवाड़े में आधा दर्जन गांवों के लोगों ने समस्या हल करने की गुहार लगाई है।

पर्यावरण में बदलाव के चलते मध्य मार्च से ही तपिश शुरू हो गई है दिन में ही धूल भरी गर्मी हवाऐं चल रही है। दूसरी तरफ तेजी से पानी के स्त्रोत भी जवाब देने लगे हैं। चिंता यह है कि अभी से अगर यह हाल है तो जब भीषण गर्मी पड़ेगी तब क्या होगा। also read करिश्माई पेड़

पानी की किल्लत ग्रामीण पहुंचे कलेक्ट्रेट

बीते एक पखवाड़े में मंडला जिले के अलग अलग ब्लाकों के ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे कर विरोध दर्ज करा चुके हैं बीते मंगलवार को बिछिया ब्लाक के पीपरटोला के ग्रामीण खाली बर्तन रखकर कलेक्ट्रेट आ धमके यंहा उन्होंने जिम्मेदारों से कहा हुजूर कम से कम पानी ही उपलब्ध करा दें। पाइप लाइन बिछाई तो गई है पर पानी नहीं दौड़ता है गांव गांव पानी पहुंचाने के लिए योजना संचालित है पर विभागीय लापरवाही चरम पर है देखना है आदिवासी जिले में पानी कब तक घरों में पहुंच पाता है