मार्च का महीना खत्म भी नहीं हुआ है लेकिन गांवों में पानी की किल्लत बढ़ती हि जा रही है। जिला कलेक्टर आफिस में बीते एक पखवाड़े में आधा दर्जन गांवों के लोगों ने समस्या हल करने की गुहार लगाई है।
पर्यावरण में बदलाव के चलते मध्य मार्च से ही तपिश शुरू हो गई है दिन में ही धूल भरी गर्मी हवाऐं चल रही है। दूसरी तरफ तेजी से पानी के स्त्रोत भी जवाब देने लगे हैं। चिंता यह है कि अभी से अगर यह हाल है तो जब भीषण गर्मी पड़ेगी तब क्या होगा। also read करिश्माई पेड़
पानी की किल्लत ग्रामीण पहुंचे कलेक्ट्रेट
बीते एक पखवाड़े में मंडला जिले के अलग अलग ब्लाकों के ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे कर विरोध दर्ज करा चुके हैं बीते मंगलवार को बिछिया ब्लाक के पीपरटोला के ग्रामीण खाली बर्तन रखकर कलेक्ट्रेट आ धमके यंहा उन्होंने जिम्मेदारों से कहा हुजूर कम से कम पानी ही उपलब्ध करा दें। पाइप लाइन बिछाई तो गई है पर पानी नहीं दौड़ता है गांव गांव पानी पहुंचाने के लिए योजना संचालित है पर विभागीय लापरवाही चरम पर है देखना है आदिवासी जिले में पानी कब तक घरों में पहुंच पाता है